हर वक्त एक ही ख्याल रहता है। हर सफर का मुकाम अलग रहता है।
यह ब्लॉग एक विचारधारा है। जिसमें लेखक की अनुभूति है, विचार है, भावनाएं हैं, संवेदनाएं हैं और अधिकारों को सचेत करने की आशा है।
Wednesday, 6 July 2011
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अंतरराष्ट्रीय मोटा अनाज वर्ष - 2023
भारत गावों का, किसान का देश है। भारत जब आज़ाद हुआ तो वह खण्ड-2 था, बहुत सी रियासतें, रजवाड़े देश के अलग-अलग भू-खण्डों पर अपना वर्चस्व जमाएं ...
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टीवी की दुनिया और टेलीविजन पर दिखाए जाने वाले सीरियल की बुनिया तो.... सही नव्ज़ को पकड़ती है, लेकिन उसकी पगडंडी भोतिकवाद के वृत में ज्याद...
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जो पहले नल था अब वह स्वतं चालित जनकूप है, जो पहले नाली थी अब वह नाला है, जो पहले नहर थी अब वह नाला है। जो आज नदियां है वह प्रदूषित सूखी झी...
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सरकार की मंशा और जनता की आकांक्षाएं के बीच बहुत बड़ा अंतर प्रत्येक मेनिफेस्टों में साफ देखा जा सकता है। इसको आप हाल ही चुनावों में स्पष्ट ...
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